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बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग को साफ करने के लिठअपनाà¤à¤‚ ये घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े
कई बार केमिकल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ सà¥à¤•िन केयर पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿà¥à¤¸ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤², सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और बाहरी वातावरण के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का रंग सांवला पड़ने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठगरà¥à¤ से बाहर आने के बाद बाहर के वातावरण के
: जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° सà¤à¥€ माता-पिता की ये खà¥à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¶ होती है कि उनका होने वाला बचà¥à¤šà¤¾ तीखे नैन नकà¥à¤¶ और साफ रंगत के साथ पैदा हो, लेकिन हर माता-पिता की ये इचà¥à¤›à¤¾ पूरी हो, ये जरूरी तो नहीं है। दरअसल, हर बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग उसके शरीर में मौजूद मेलेनिन नाम के घटक पर निरà¥à¤à¤° करता है। अगर शरीर में मेलेनिन की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है, तो बचà¥à¤šà¥‡ का रंग जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गहरा या सांवला होता है। वहीं इसकी मातà¥à¤°à¤¾ कम होने पर बचà¥à¤šà¥‡ का रंग साफ होता है। हालांकि बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रंग को नहीं बदला जा सकता है। लेकिन कà¥à¤› घरेलू उपायों को आजमाकर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग को काफी हद तक साफ जरूर किया जा सकता है।
यूं तो बचà¥â€à¤šà¥‡ की रंगत, उसके माता-पिता पर निरà¥à¤à¤° करती है लेकिन कई बार केमिकल यà¥à¤•à¥â€à¤¤ सà¥à¤•िन केयर पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿà¥à¤¸ का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤², सà¥à¤•िन à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और बाहरी वातावरण के संपरà¥à¤• में आने से à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का रंग सांवला पड़ने लगता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठगरà¥à¤ से बाहर आने के बाद बाहर के वातावरण के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ ढलने लगती है। à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤› घरेलू उपाय अपनाकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की रंगत को निखारा जा सकता है।
शिशॠका रंग साफ करने के उपाय-
दूध और हलà¥â€à¤¦à¥€-
बचà¥à¤šà¥‡ की रंगत को निखारने के लिठआप दध और हलà¥à¤¦à¥€ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। इस उपाय को करने के लिठआप सबसे पहले कचà¥â€à¤šà¥‡ दूध में हलà¥â€à¤¦à¥€ या बेसन मिलाकर शिशॠके शरीर पर 5 से 10 मिनट के लिठलगाà¤à¤‚। इसके बाद साफ सूती कपड़े से इस पेसà¥à¤Ÿ को शिशॠके शरीर से हटा दें। दूध में विटामिन à¤, डी, बी12, लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और बायोटिन के साथ कई अनà¥â€à¤¯ पोषक ततà¥â€à¤µ मौजूद होते हैं। जो सà¥à¤•िन को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करके नैचà¥à¤°à¤² कà¥â€à¤²à¥€à¤‚जर की तरह काम करते हैं। इसके अलावा हलà¥à¤¦à¥€ में मौजूद à¤à¤‚टी-बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ गà¥à¤£ तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत निखारने का काम करते हैं।
​दही और टमाटर-
दही में टमाटर के गूदे को मिलाकर शिशॠकी पिगमेंटेशन वाली जगह पर मालिश करें। दही सà¥à¤•िन को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करती है और टमाटर नैचà¥à¤°à¤² बà¥â€à¤²à¥€à¤šà¤¿à¤‚ग à¤à¤œà¥‡à¤‚ट का काम करता है। इससे कोशिकाà¤à¤‚ पà¥à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€à¤µà¤¿à¤¤ होती है और सà¥à¤•िन से धूल और मिटà¥à¤Ÿà¥€ निकलती है।
बेसन-
बेसन का पेक शिशॠकी मृत तà¥à¤µà¤šà¤¾ को हटाकर उसे चमकदार और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाने में मदद कर सकता हैं। बेसन के इस गà¥à¤£ को à¤à¤•à¥à¤¸à¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤¶à¤¨ कहते हैं। à¤à¤•à¥à¤«à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के इस गà¥à¤£ के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग को साफ करने में मदद मिल सकती है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, इस उपयोग से बचà¥à¤šà¤¾ गोरा नहीं होता बलà¥à¤•ि उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में चमक आती है ।
हलà¥à¤•े गरà¥à¤® तेल से मालिश-
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हलà¥à¤•े गरà¥à¤® तेल से की गई मालिश तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कई रोगों से बचाने में कारगर हो सकती है। रोजाना बचà¥à¤šà¥‡ को नहलाने से पहले हलà¥à¤•े हाथों से गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ तेल की मालिश करें। इससे बचà¥à¤šà¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ का रंग तो साफ होगा ही, साथ ही तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में à¤à¥€ मदद मिलेगी।
नारियल तेल-
दिन में कम से कम à¤à¤• बार गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ नारियल तेल से मालिश करने से सà¥à¤•िन में लचीलापन आता है और बà¥â€à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ ठीक होता है। तेल सà¥à¤•िन में गहराई से जाकर उसे हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ करता है जिससे सà¥à¤•िन का रंग à¤à¥€ साफ होता है और दाग-धबà¥â€à¤¬à¥‡ à¤à¥€ दूर होते हैं।
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